9 दिसंबर, सुपौल।
सदर प्रखंड के हरदी दुर्गा स्थान में आयोजित वीर लोरिक महोत्सव में मंगलवार की रात सांस्कृतिक उल्लास का ऐसा समा बंधा कि दर्शक देर रात तक कार्यक्रम में डटे रहे। लोक कलाकारों की दमदार प्रस्तुतियों ने पूरे पंडाल को तालियों की गूंज से बार-बार भर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध लोकगायक कृष्ण चंद्रवंशी की प्रस्तुति से हुई। उन्होंने वीर लोरिक की परंपरा, शौर्य और ग्रामीण लोक संस्कृति पर आधारित कई गीत सुनाए। उनकी मधुर और ऊर्जावान प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर गीत के बाद तालियों की जोरदार गड़गड़ाहट ने माहौल को और जीवंत बना दिया।
इसके बाद मंच पर आईं जानी-मानी लोकगायिका अपूर्वा प्रियदर्शी। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज़ और भावपूर्ण अंदाज़ में ऐसे लोकगीत प्रस्तुत किए कि दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए। वीर लोरिक की परंपरा और क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत को समर्पित उनके गीतों ने पूरे वातावरण को भावनात्मक और उत्साहपूर्ण बना दिया।
महोत्सव देर रात तक चलता रहा और कलाकारों की मनभावन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को लगातार बांधे रखा। उपस्थित लोगों ने तालियों और उत्साह के माध्यम से कलाकारों का भरपूर उत्साहवर्धन किया, जिससे पूरा कार्यक्रम यादगार बन गया।
