
अररिया के रहरिया ग्राम की होनहार बेटी जया सहाय ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। उसकी इस उपलब्धि पर प्रो.नवल किशोर सहाय के आवास पर एक हार्दिक अभिनंदन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अशोक कुमार आलोक प्रिंसिपल वाई. एन. पी. डिग्री कॉलेज,रानीगंज ने की, जबकि मंच संचालन शिक्षक सह साहित्यकार संजय कुमार सिंह सारथी ने किया। अध्यक्षीय वक्तव्य में डॉ अशोक आलोक ने कहा कि कल तक जया सहाय अपने माता- पिता मुकुल सहाय की बेटी थी,लेकिन आज वह पूरे रहरिया ग्राम ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की बेटी बन गई है। जब भी इस क्षेत्र का इतिहास लिखा जायेगा, उसमें जया सहाय का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा। डॉ नूतन आलोक, संस्कृत विभागाध्यक्ष सह – प्रधानाचार्य, वाई. एन. पी. डिग्री कॉलेज ,रानीगंज ने कहा कि जया सहाय ने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि बेटियां भी उड़ान भर सकती है, यदि उसे बेटों के समान अवसर और प्रोत्साहन मिले। डॉ नूतन ने उपस्थित माताओं से कहा कि खाने के लिए थाली नहीं है तो कोई चिंता की बात नहीं, रोटी हाथ में लेकर खाए, लेकिन अपने बच्चों को पढ़वाएं । सामाजिक कार्यकर्ता महेश्वरी प्रसाद सिंह ने कहा कि जया बेटी ने हमारे पूरे रहरिया समाज की प्रतिष्ठा बढ़ा दी है। आज हर घर में बेटियों के प्रति विश्वास जगा है। प्रो. नवल किशोर सहाय ,जया के बड़े पापा ने भावुक होते कहा कि जब मैंने सुना कि जया ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल प्राप्त की है, तो लगा कि हमारे सहाय परिवार का नाम रोशन हो गया। यह उपलब्धि पूरे संयुक्त परिवार के लिए गौरव का क्षण है। सत्य नारायण यादव ,पूर्व जिला पार्षद ने कहा कि शिक्षा शेरनी का वह दूध है,जो पियेगा वह दहारेगा। जया सहाय से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी। प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि आज के युग में शिक्षा ही सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम है। जया ने दिखाया है कि छोटे गांवों में भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। बहुभाषाविद सह जया सहाय के बड़े पापा अवध किशोर सहाय ने हिंदी, संस्कृत तथा अंग्रेजी भाषा की महत्वपूर्ण पंक्तियों की प्रस्तुति से जया सहाय की उपलब्धियों की सराहना की । प्रधानाध्यक मनोज कुमार ने कहा कि जया सहाय जैसी छात्राएं शिक्षा प्रणाली की प्रेरणा है। मनीष कुमार ने कहा कि आज जया सहाय ने साबित कर दिया है कि इच्छाशक्ति के सामने कोई बाधा नहीं होती। कार्यक्रम में भारी संख्या में ग्रामीण महिलाओं भी उपस्थित थीं। उपस्थित लोगों ने जया सहाय को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ, स्मृति- चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
