जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए किसानों को भूमि व जल प्रबंधन का प्रशिक्षण।

रानीगंज
जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से खेती को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 16 से 19 मार्च 2026 तक फिया फाउंडेशन के तत्वावधान में भूमि एवं पानी प्रबंधन विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड कृषि पदाधिकारी विक्रम कुमार, हांसा पंचायत की मुखिया श्वेता सिंह एवं उनके प्रतिनिधि रिंटू सिंह, स्टेट लीड अमित, प्रोजेक्ट लीड गणेश, जिला कोऑर्डिनेटर शत्रुंजय, फिया फाउंडेशन टीम तथा प्रशिक्षक उमेश ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड की पचीरा, गुणवंती और हांसा पंचायत के लगभग 100 महिला-पुरुष सीमांत किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जलवायु लचीलापन के माध्यम से खेती आधारित आजीविका को सुरक्षित करने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षक विशेषज्ञ उमेश ने पीपीटी, चर्चा और समूह गतिविधियों के माध्यम से किसानों को भूमि एवं जल प्रबंधन के महत्व को विस्तार से समझाया।
प्रशिक्षण के दौरान बाढ़, सुखाड़ और जलजमाव जैसी प्राकृतिक समस्याओं से निपटने के उपायों पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को मेड़बंदी, जल निकासी, वाटर रिचार्ज, जल संग्रहण तथा आपदा की स्थिति में फसल और संसाधनों की सुरक्षा के व्यावहारिक तरीके बताए गए। साथ ही उन्नत बीजों के उपयोग से जलवायु अनुकूल खेती करने की जानकारी भी दी गई।
आपदा प्रबंधन के तहत किसानों को यह भी बताया गया कि बाढ़ या अन्य संकट की स्थिति में परिवार और पशुधन को सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंचाया जाए। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशिक्षण में विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा किसानों को कृषि से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा मनरेगा के तहत गांव की स्थायी और विकासशील संपदा के निर्माण के लिए ग्राम सभा में योजना बनाकर प्रस्ताव देने की सलाह दी गई।
प्रशिक्षकों ने बताया कि फिया फाउंडेशन भारत के 10 राज्यों के 103 जिलों में करीब 99 हजार महिला-पुरुष और बच्चों के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, पर्यावरण तथा जल-जीवन-जमीन जैसे मुद्दों पर सरकार और अन्य संस्थाओं के सहयोग से काम कर रहा है। बिहार में पूर्णिया जिले के कृत्यानंद नगर तथा अररिया के रानीगंज प्रखंड में लगभग 400 सीमांत किसानों के साथ जलवायु अनुकूल खेती और आजीविका के विभिन्न आयामों पर कृषि विभाग, एटीएमए, केवीके और पशुपालन विभाग के सहयोग से कार्य किया जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि रानीगंज क्षेत्र को प्राथमिकता इसलिए दी जा रही है क्योंकि यह इलाका बाढ़ और सुखाड़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। प्रशिक्षण के अंतिम दिन किसानों को धन्यवाद ज्ञापन के साथ सामूहिक फोटो लेकर कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस अवसर पर फिया टीम के ग्राम पंचायत फैसिलिटेटर हेमंत कुमार, किसान सलाहकार भावेश कुमार सिंह, अमीर खान और देवाशीष कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
