रिपोर्ट : आदर्श कुमार
सुपौल, 11 दिसंबर
सदर अस्पताल सुपौल में मंगलवार दोपहर एसएनसीयू वार्ड से नवजात शिशु के रहस्यमय तरीके से गायब होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार की शाम तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर शिशु की चोरी कर बेचने का गंभीर आरोप लगाते हुए सदर थाना में आवेदन दिया। आवेदन मिलते ही पुलिस हरकत में आई और एसडीपीओ द्वारा प्राथमिक जांच के बाद मामला स्पेशल सेल के हवाले कर दिया गया।
स्पेशल सेल की गहन जांच जारी
स्पेशल सेल की टीम ने बुधवार को एसएनसीयू वार्ड और अस्पताल परिसर का व्यापक निरीक्षण किया। टीम सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच, ड्यूटी स्टाफ से पूछताछ और मौजूद लोगों के बयान के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी है।
लापता शिशु के पिता—मधुबनी जिले के लौकही थाना क्षेत्र के पिपराही वार्ड-13 निवासी—ने बताया कि निर्मली अनुमंडलीय अस्पताल में जन्मे उनके पुत्र को 7 दिसंबर को आपात अवस्था में सदर अस्पताल रेफर किया गया था। बच्चा धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा था, लेकिन 10 दिसंबर दोपहर करीब 2 बजे अस्पताल ने शिशु के गायब होने की सूचना दी।
परिजनों का आरोप है कि “बच्चे को बेचने की नीयत से गायब किया गया है।”
सीसीटीवी फुटेज में बड़ा खुलासा
शुरुआत में अस्पताल कर्मियों ने बच्चे की नानी पर शिशु को बाहर ले जाने और वापस न लाने का आरोप लगाया था। मगर पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज दोबारा खंगालने पर एक नए तथ्य का पता चला—
सुबह करीब 9 बजे एक बाहरी व्यक्ति को नवजात को अस्पताल से बाहर ले जाते देखा गया। बाद में 10:30 बजे उसी व्यक्ति द्वारा शिशु को वापस एसएनसीयू वार्ड में लाकर रखे जाने की पुष्टि हुई। इसके बावजूद बच्चा दोपहर में गायब हो गया।
इस खुलासे के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
चार डॉक्टरों की टीम को जांच सौंपी
सिविल सर्जन डॉ. लालन ठाकुर ने बताया कि डीपीएम बालकृष्ण चौधरी सहित चार सदस्यीय टीम को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। टीम ने बुधवार को सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद
डॉ. हर्ष वर्धन, जीएनएम अर्चना भारती, धीरज कुमार, एनएम प्रतिभा रानी, सेविका शोभा कुमारी, वार्ड बॉय विक्रम कुमार और ममता अनिता कुमारी से पूछताछ की।
डीपीएम ने कहा कि जांच जारी है और रिपोर्ट शीघ्र ही सिविल सर्जन को सौंप दी जाएगी।
अस्पताल में तनाव, नेताओं की चेतावनी
घटना की सूचना फैलते ही अस्पताल में भीड़ उमड़ पड़ी। बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष तथा मधुबनी जिला प्रभारी समेत कई स्थानीय नेताओं ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 घंटे के भीतर नवजात की बरामदगी नहीं हुई तो अस्पताल और एनएच-57 को जाम कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
अस्पताल में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर में एक दर्जन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
एसडीपीओ गौरव गुप्ता ने कहा—
“मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। जल्द ही सच्चाई सामने आएगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।”
इस बीच शिशु की मां और परिजन अस्पताल परिसर में ही रोते-बिलखते अपने बच्चे की बरामदगी की उम्मीद में डटे हुए हैं।
