18 दिसंबर सुपौल।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा किए गए चरणबद्ध आंदोलन के सामने आखिरकार विश्वविद्यालय प्रशासन को झुकना पड़ा। अब सुपौल जिले के पीजी और यूजी के छात्रों को परीक्षा देने के लिए होम सेंटर की सुविधा दी जाएगी। साथ ही परीक्षा एवं मूल्यांकन कार्य भी सुपौल में ही किए जाएंगे।इस संबंध में जानकारी देते हुए एबीवीपी के प्रांत SFD सह संयोजक शिवजी कुमार ने कहा कि यदि सुपौल जिले के छात्रों के साथ सौतेला व्यवहार किया जाएगा तो एबीवीपी इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। छात्र हितों की रक्षा करना संगठन का दायित्व है और इसके लिए परिषद हमेशा संघर्ष करती रहेगी।

वहीं मीडिया से बातचीत करते हुए जिला संयोजक राजेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन मनमानी फैसले ले रहा था, जिसका एबीवीपी ने पुरजोर विरोध किया। चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी गलतियों का एहसास कराया गया, जिसके बाद प्रशासन बैकफुट पर आया और एबीवीपी की सभी मांगों को मानते हुए पीजी एवं यूजी की परीक्षा और मूल्यांकन कार्य सुपौल में ही कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद एबीवीपी ने छात्रों के हित में अपना आंदोलन वापस लिया और इसे बड़ी जीत बताया।इसी क्रम में छात्र नेता रंजीत कुमार झा ने कहा कि यदि भविष्य में सुपौल जिले के छात्रों के साथ अन्याय किया गया तो एबीवीपी लगातार चरणबद्ध आंदोलन करेगी और विश्वविद्यालय प्रशासन को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि एबीवीपी के दबाव में प्रशासन ने छात्रों के हित में सकारात्मक फैसला लिया है, जो एक अच्छा संदेश है। विद्यार्थी परिषद हमेशा से छात्र हितों के लिए संघर्ष करती आई है और आगे भी करती रहेगी।इस मौके पर नगर मंत्री आलोक कुमार, नगर सह मंत्री कुंदन कुमार, मनीष कुमार, सतीश कुमार, पूजा कुमारी, दिव्या कुमारी, रितिक कुमार सहित दर्जनों एबीवीपी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
