नरक निवारण चतुर्दशी पर रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था, सुख-समृद्धि की कामना

मरौना /निर्मली
नरक निवारण चतुर्दशी को लेकर शनिवार को निर्मली नगर पंचायत के वार्ड संख्या 05 स्थित प्राचीन रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अहले सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, शांति और मंगल भविष्य की कामना की। पूरे मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” और बोल बम के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शिवलिंग का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक तथा रुद्राभिषेक कराया गया। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भस्म, फल-फूल अर्पित कर भगवान शिव की आराधना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार नरक निवारण चतुर्दशी के दिन शिव पूजा करने से जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं तथा अकाल मृत्यु, रोग-शोक और भय से मुक्ति मिलती है। इसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग एवं युवा भक्त उपवास रखकर पूजा में शामिल हुए।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर समिति द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी। दर्शन के लिए कतारबद्ध व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। मंदिर समिति के सदस्यों एवं स्थानीय स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन कराया।
इस बाबत मंदिर के अध्यक्ष कुंदन चौधरी, कोषाध्यक्ष आनंद झा, सचिव रौशन राणा ने बताया की नरक निवारण चतुर्दशी को लेकर पूजा-अर्चना के उपरांत मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ भाग लिया। श्रद्धालुओं ने बताया कि नरक निवारण चतुर्दशी पर भगवान शिव की आराधना से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
