पीड़ित परिवार ने एसपी अररिया से निष्पक्ष जांच की मांग की।
रानीगंज थाना क्षेत्र के हांसा पंचायत में नवजात बच्चे की मौत का मामला गहराता जा रहा है। कांड संख्या 425/25 में एक पक्ष द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी को दूसरे पक्ष ने पूरी तरह झूठा और साज़िशन बताया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक अररिया से मिलकर निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता अंजली कुमारी, पति सनातन कुमार गोस्वामी ने आरोप लगाया कि उनके ससुर दिलीप गोस्वामी और सास बेबी देवी को जानबूझकर इस विवाद में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि घटना के समय दोनों अररिया सदर अस्पताल में मौजूद थे। बेबी देवी आशा कार्यकर्ता हैं और प्रसव कार्य में तैनात थीं। दिलीप गोस्वामी अपनी पत्नी के साथ अस्पताल गए थे, ऐसे में उनका घटनास्थल पर होना संभव ही नहीं है।
उधर, नवजात की मौत को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए अंजली कुमारी ने बताया कि 11 नवंबर 2025 की रात विशाल ठाकुर अपनी गर्भवती पत्नी पूजा देवी को इलाज के लिए अपनी मामी बीना ठाकुर, पति अनिल ठाकुर के घर गितवास बाजार लेकर गए थे। वहीं 12 नवंबर सुबह 4 बजे प्रसव हुआ, लेकिन चिकित्सा सुविधा के अभाव और कथित लापरवाही के कारण नवजात की लगभग 15 मिनट में मौत हो गई। परिजनों ने बिना सूचना दिए पास में ही नवजात को दफना दिया।
इसी दौरान घटना की जानकारी एससी/एसटी कांड संख्या 11/25 के आरोपी पवन गोस्वामी व उसके सहयोगियों तक पहुँच गई। आरोप है कि पवन गोस्वामी अपनी नई स्कॉर्पियो लेकर मौके पर पहुँचा और आर्थिक प्रलोभन व दबाव देकर नवजात का शव गड्ढा खोदकर निकलवाया गया। इसके बाद कथित रूप से पुरानी रंजिश के चलते अंजली कुमारी के ससुर–सास के नाम मामले में जोड़ दिए गए।वहीं, विशाल ठाकुर के ममेरे भाई कृष्ण मोहन ठाकुर ने हांसा पंचायत के कई जनप्रतिनिधियों को जानकारी देते हुए बताया कि पवन गोस्वामी पिता परमानंद गोस्वामी,लट्टू गोस्वामी उर्फ तपेश पिता स्व. महानंद गोस्वामी,रॉकी गोस्वामी पिता विद्यानंद गोस्वामी,शुभम गोस्वामी पिता चंदन गोस्वामी,श्रवण उर्फ बिल्टू गोस्वामी पिता रामाधार गोस्वामी तथा चंदन ठाकुर (विशाल ठाकुर का मामा)मामले को भटका कर निरपराध लोगों को झूठा फँसाने की कोशिश कर रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने कहा कि अस्पताल में भर्ती से सम्बंधित दस्तावेज, आशा कार्यकर्ता की उपस्थिति प्रमाणपत्र और अन्य साक्ष्य साफ बताते हैं कि घटना के समय उनके परिजन मौके पर नहीं थे। परिवार ने एसपी अररिया से गुहार लगाई है कि निष्पक्ष जांच कर उन्हें झूठे मुकदमे से राहत दिलाई जाए तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
