रामनवमी जुलूस पर प्रशासन सख्त: लाइसेंस, डीजे बैन और 50 वॉलेंटियर अनिवार्य।


थानाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि रामनवमी जुलूस निकालने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा और जुलूस केवल निर्धारित रूट से ही निकाला जाएगा। जुलूस में शामिल 50 वॉलेंटियर का फोटो सहित आधार कार्ड जमा करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समय सारणी के अनुसार नियंत्रित गति से जुलूस निकलेगा, जिससे आम लोगों और यातायात को कोई परेशानी न हो।

प्रशासन ने निर्देश दिया कि जुलूस के दौरान मंदिर, मस्जिद, स्कूल एवं अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थलों पर रुकने की अनुमति नहीं होगी। सभी आयोजकों को पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा तथा किसी भी व्यक्ति को चेहरा ढककर शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।सुरक्षा के मद्देनजर जुलूस की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है, जबकि डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए एसडीओ से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा। अश्लील या धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले गीतों पर सख्त रोक रहेगी।इसके अलावा प्रशासन ने नारेबाजी, अफवाह फैलाने और सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट साझा करने से बचने की अपील की। आयोजन समिति को निर्देश दिया गया कि कार्यक्रम समाप्ति के बाद लगाए गए झंडों को हटा लिया जाए तथा

यह सुनिश्चित किया जाए कि जुलूस में कोई भी व्यक्ति नशे की हालत में न हो और किसी प्रकार का हथियार साथ न लाए।बैठक को सर्किल इंस्पेक्टर सतीश कुमार, उपप्रमुख कलानंद सिंह एवं वार्ड पार्षद कृष्ण कुमार सेनानी ने भी संबोधित किया और सभी से आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए पर्व मनाने की अपील की।बैठक में मुखिया गनोरी मंडल, मो. इसराइल, बिनोद मेहता, वार्ड पार्षद सुमन झा, उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि रणधीर पासवान, सरपंच शैलेन्द्र कुमार मंडल, जयप्रकाश यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
