बाल विवाह मुक्त अररिया बनाने को लेकर रानीगंज में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित।

रानीगंज प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सभागार में शुक्रवार को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अररिया जिले को बाल विवाह मुक्त, बाल श्रम मुक्त, मानव तस्करी मुक्त, बाल यौन शोषण मुक्त एवं नशा मुक्त बनाना रहा।

कार्यशाला का आयोजन जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन नई दिल्ली, जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज, महिला एवं बाल विकास निगम अररिया, समाज कल्याण विभाग पटना, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना पदाधिकारी भरगामा संगीता कुमारी ने की, जबकि संचालन एवं प्रशिक्षण जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने किया।

प्रशिक्षण के दौरान बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी, बाल यौन शोषण एवं नशा मुक्ति को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित सेविकाओं एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े टोल फ्री नंबर 18001027222, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 तथा आपातकालीन नंबर 112 की जानकारी दी गई। बताया गया कि किसी भी बच्चे के साथ घटना होने पर तुरंत सूचना दी जा सकती है तथा सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
कार्यक्रम में मो. मुस्तकीम अंसारी, अलताफ कमर, महिला पर्यवेक्षिका रीता कुमारी, निशफत अफसा, रेणु कुमारी, ललिता देवी, आयशा फातमा, सोनी कुमारी, पूजा कुमारी, फौजिया अंदलीब सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं मौजूद रहीं। जागरण कल्याण भारती के डीसी दीपक पासवान एवं अंकुश यादव ने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा बाल विवाह रोकने को लेकर जागरूकता फैलाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को गुड टच-बैड टच की जानकारी देने, विद्यालय छोड़ चुके बच्चों के पुनः नामांकन तथा वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। साथ ही बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करने का संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा छह वर्ष की आयु पूरी कर चुके पांच बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराया गया। बाल विकास परियोजना रानीगंज के पदाधिकारियों एवं जागरण कल्याण भारती के प्रतिनिधियों ने बच्चों को विद्यारंभ कर आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया।
