ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में रानीगंज के केमिस्टों की हड़ताल।

ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार रानीगंज में दवा व्यवसायियों ने एक दिवसीय हड़ताल कर ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हड़ताल के दौरान रानीगंज के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे और दवा व्यवसायियों ने मरीजों की सुरक्षा तथा दवा वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग उठाई।

रानीगंज केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित विरोध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दवा विक्रेता शामिल हुए। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार महतो ने कहा कि यह आंदोलन केवल दवा व्यवसायियों के हितों के लिए नहीं, बल्कि आम जनता और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जारी जीएसआर 817 दिनांक 28 अगस्त 2018 के माध्यम से ऑनलाइन दवा बिक्री को अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसका संगठन लगातार विरोध करता आ रहा है। उनका कहना था कि दवा कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा विषय है। बिना उचित जांच और पंजीकृत फार्मासिस्ट की निगरानी के दवाइयों की ऑनलाइन बिक्री से गलत, नकली और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा सेवन का खतरा बढ़ सकता है।
अध्यक्ष ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जीएसआर 220 के तहत घर-घर दवा पहुंचाने की अस्थायी व्यवस्था लागू की गई थी, ताकि लॉकडाउन में मरीजों को परेशानी न हो। लेकिन अब उसी व्यवस्था का उपयोग बड़े स्तर पर ऑनलाइन दवा कारोबार को बढ़ावा देने में किया जा रहा है, जो भविष्य में मरीजों की सुरक्षा और दवा नियंत्रण व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुधीर मेहता ने कहा कि बड़ी कॉरपोरेट कंपनियां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भारी छूट देकर दवाइयों की बिक्री कर रही हैं, जिससे छोटे मेडिकल दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय दवा विक्रेता वर्षों से मरीजों की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आए हैं और आपात स्थिति में भी दवा उपलब्ध कराते हैं। लेकिन ऑनलाइन कंपनियों के बढ़ते दबाव से छोटे व्यवसायियों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन जनता की सुविधा के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनकी मांग है कि दवा वितरण प्रणाली ऐसी हो जिसमें मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे और दवाइयों की बिक्री पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ हो।
हड़ताल के दौरान दवा व्यवसायियों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियंत्रण लगाने, फार्मासिस्ट की भूमिका सुनिश्चित करने तथा छोटे दवा व्यवसायियों के हितों की रक्षा करने की मांग की।
विरोध कार्यक्रम में अध्यक्ष राजकुमार महतो, उपाध्यक्ष सुधीर मेहता, सचिव सुनील पंजियार, बंटी महतो, अमित महतो, मनीष कुमार, रोशन नायक, जितेंद्र कुमार डिंपू, गुलशन महतो, अनिल कुमार, मुकेश पंजियार, राशिद खान, अशोक महतो, मनोज ठाकुर, डॉ. योगानंद प्रताप, अशोक कुमार सहित बड़ी संख्या में दवा व्यवसायी मौजूद रहे।
