वाईएनपी डिग्री कॉलेज में शांतिपूर्ण माहौल में हुई यूजी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा

278 परीक्षार्थी हुए शामिल, केंद्राधीक्षक ने किया परीक्षा कक्षों का निरीक्षण
रानीगंज। पूर्णियां विश्वविद्यालय, पूर्णियां के निर्देश पर वाईएनपी डिग्री कॉलेज, रानीगंज परीक्षा केंद्र पर यूजी (बीए, बीएससी एवं बीकॉम) सीबीसीएस चतुर्थ सेमेस्टर, जून 2026, सत्र 2024-28 की परीक्षा मंगलवार को शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हुई।
पूर्णियां विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह के निर्देश पर कुलसचिव प्रो. (डॉ.) अखिलेश कुमार एवं परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) जमीरुल आलम द्वारा अल्सम मिल्या डिग्री कॉलेज, अररिया का परीक्षा केंद्र वाईएनपी डिग्री कॉलेज, रानीगंज निर्धारित किया गया है।
प्रधानाचार्य सह केंद्राधीक्षक डॉ. नूतन आलोक के हवाले से परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुभाष चंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पालियों में कुल 278 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
प्रथम पाली में भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, गणित, वाणिज्य, भूगर्भशास्त्र, सांख्यिकी, गृह विज्ञान, दर्शनशास्त्र एवं संगीत विषयों की परीक्षा हुई। वहीं, द्वितीय पाली में राजनीति विज्ञान, प्राचीन इतिहास, श्रम एवं समाज कल्याण, मानवशास्त्र, अर्थशास्त्र, ग्रामीण अर्थशास्त्र, हिंदी, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र एवं उर्दू विषय की परीक्षा आयोजित की गई।

परीक्षा केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार पर केंद्राधीक्षक डॉ. नूतन आलोक के नेतृत्व में महाविद्यालय कर्मियों ने परीक्षार्थियों की सघन जांच की। जांच के बाद परीक्षार्थियों से मोबाइल फोन, किताब, पुर्जा आदि बाहर रखवाकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।
विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुपालन में केंद्राधीक्षक डॉ. नूतन आलोक ने विभिन्न परीक्षा कक्षों का निरीक्षण किया और कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
परीक्षा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन में प्रो. इंदु कुमारी, प्रो. सुभाष चंद्र सिंह, प्रो. सुरेश प्रसाद यादव, प्रो. भूषण कुमार यादव, प्रो. योगेंद्र यादव, प्रो. प्रमोद कुमार यादव, प्रो. कुमारी रुक्मिणी, प्रो. कृष्ण कुमार विश्वास, प्रो. केशव कुमार, प्रो. अजीत कुमार विश्वास, प्रो. विकास कुमार, डॉ. तारिक हुसैन, प्रो. अमरेंद्र कुमार, प्रो. संगीता देवी, प्रो. शाहनवाज गाजी, रितेश राज, दीपेश राज, रूपक कुमार वर्मा, मनीष कुमार, पृथ्वीचंद यादव, नितिन कुमार, राकेश मुर्मू, राजा सिंह, दीपक कुमार सहित अन्य महाविद्यालय कर्मियों की सक्रिय भूमिका रही।
